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पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण ईशान वायव्य नैऋत्य आग्नेय आकाश और पाताल ये दस दिशाएँ हैं पाताल को आप बेसमेंट समझिए। आकाश यानि छत। इन सभी दिशाओं मे ऊर्जा का वास होता है। कौन सी जगह आपके लिए अच्छी है यह समझने के लिए आपको ज्योतिष के गूढ ज्ञान की आवश्यकता नहीं है । बस इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहिए।

मैंने तीन बार MNC मे काम किया और छोटे मोटे आफिस मे तो पता नहीं कितनी बार अपनी पोजीशन को देखा। अपने बारह वर्ष के करियर के इतिहास का आकलन किया तो पता चला कि जब भी मैं दक्षिण पूर्व मे काम करता था तो उस कंपनी मे अधिक समय लगाया।

क्या रहस्य है दिशाओं का और ऊर्जा का यह आपकी कुंडली बता देगी परंतु अभी आप अपने जीवन के इतिहास को देखें। एक दिशसूचक यंत्र (Compass) की सहायता से आप को यह पता लगाना है कि दिन का अधिकतम हिस्सा आप कहाँ व्यतीत करते हैं? उस दिशा का क्या नाम है? अब अपने इतिहास को खंगालें और अपने अच्छे समय को याद करें उस समय आप अधिकतम समय किस दिशा मे व्यतीत किया करते थे?

हो सकता है आपका अच्छा समय वर्तमान मे भी चल रहा हो परंतु इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका समय अच्छा है या बुरा। बस आपको अपने लिए उत्तम दिशा का चुनाव करना है चाहे वह वर्तमान मे हो या आपके इतिहास मे।

एक महिला सिलाई का काम पिछले तीस साल से कर रही थी। दस साल पहले मकान को नया बनाया और अपने कार्य स्थल की जगह को दक्षिण पश्चिम से उत्तर पूर्व मे कर लिया। आज काम आधे से भी कम रह गया है।

अब बात करते हैं बिजनेस की।

जो बड़े व्यापारी हैं उनको पता होता है कि बिजनेस को खड़ा करने के लिए न केवल दिन रात की मेहनत चाहिए बल्कि दूर की सोच और सही ऊर्जा की भी आवश्यकता होती है। सही ऊर्जा यानि आपकी Performance.

आपके आफिस का front किस दिशा मे है यह ज्ञात कीजिये। जरूरी नहीं है कि आपका काम अकाउंट का है तो केवल बुध कि दिशा उत्तर मे ही होना चाहिए।

  • बलवान सूर्य वाले लोगों के लिए पूर्व और दक्षिण पूर्व उत्तम है।
  • बलवान चन्द्र वाले लोगों के लिए उत्तर पश्चिम दिशा उत्तम है।
  • मंगल वाले लोग दक्षिण दिशा का चुनाव करें।
  • बलवान बुध वाले लोगों के लिए उत्तर दिशा उत्तम है।
  • बलवान गुरु के लिए उत्तर पूर्व दिशा है।
  • यदि शुक्र बलवान है तो दक्षिण पूर्व आपके लिए उत्तम है।
  • शनि शुभ है तो पश्चिम दिशा मे उत्तम होगा।
  • राहू शुभ है तो दक्षिण पश्चिम दिशा उत्तम है।
  • केतू शुभ है तो कहीं भी रहें पर ग्राउंड फ्लोर या बेसमेंट का चुनाव न करें।

अब प्रश्न उठता है कि आफिस को रोज तो बदला नहीं जा सकता तो इसका उत्तर यहा है कि अपने बैठने की दिशा को बदल कर देखें।

कैसे जानें अपने लिए उतम दिशा?

इसके लिए जन्म कुंडली का थोड़ा ज्ञान तो चाहिए। कुंडली मे देखें आपका कौन सा ऐसा ग्रह है जो न केवल मित्र राशि, स्वराशि या उच्च का हो बल्कि उसकी डिग्री भी दस से बीस अंश के भीतर हो।

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