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जीवन में मनुष्य अकेला जन्म लेता है परंतु जन्म लेने के उपरांत नए-नए रिश्तो का सृजन होता है उन सभी रिश्तो में एक रिश्ता है दोस्तों का।

एक ऐसा साथी जो आपको अकेला होने के अहसास से बचाता है आपको एहसास होता है कि आप अकेले नहीं हैं। रक्त संबंधों में भी कभी-कभी कड़वाहट आ जाती है परंतु दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जिसमें यदि कड़वाहट आ जाए तो उसकी पीड़ा देर तक रहती है हम रिश्तो के साथ दोस्ती के संबंध की तुलना नहीं कर सकते शायद इसीलिए दोस्ती को रिश्तो से बड़ा माना गया है।

सच्चे दोस्त का योग

आपके जीवन में अनेक दोस्त बने होंगे और आगे बढ़ गए होंगे कुछ लोग आपके साथ चलते रहते हैं तो कुछ एक पड़ाव तक साथ रहते हैं परंतु किसी किसी के जीवन में सौभाग्य से एक ऐसा दोस्त होता है जो लंबे समय से साथ रहता है यदि आप ऐसे किसी उदाहरण को देखते हैं तो आप भी कल्पना करेंगे कि काश आपके पास भी ऐसा एक दोस्त होता। आज हम ज्योतिष के आईने से देखेंगे कि क्या ऐसे ग्रह होते हैं जो हमें एक दोस्त देते हैं एक सच्चा दोस्त कौन सी ग्रह स्थिति है जो हमें दोस्तों से वंचित रखती है
दोस्तों के लिए तीसरा घर देखा जाता है जन्म कुंडली के तीसरे घर में जो ग्रह विराजमान हैं या तीसरे घर के स्वामी का संबंध जिस प्रकार के ग्रहों से है उसी प्रकार के दोस्त एक व्यक्ति के हो सकते हैं।

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आइए जानते हैं तीसरे घर के स्वामी के अनुसार आपकी दोस्ती कैसी रहेगी कैसे लोगों से रहेगी।

तीसरे घर का स्वामी यदि तीसरे ही घर में विराजमान हो तो व्यक्ति के दोस्त और रिश्तेदार सदैव व्यक्ति के साथ रहते हैं दोस्ती लंबी होती है और अटूट बंधन रहते हैं।

तीसरे घर में नीच का ग्रह उपस्थित हो तो व्यक्ति को जीवन में दोस्त नहीं मिलते बल्कि जो दोस्त मिलते हैं वह फायदा उठा कर निकल जाते हैं जब सबसे अधिक आवश्यकता रहती है उस समय पर कोई दोस्त उपलब्ध नहीं होता और जब आवश्यकता नहीं होती तब दोस्त फिर से जीवन में प्रकट हो जाते हैं यह स्थिति बहुत मानसिक पीड़ा देती है क्योंकि जातक इस पूरे जीवन मे संकट काल में अकेला संघर्षों का सामना करने के लिए मजबूर हो जाता है।

तीसरे घर का स्वामी यदि सातवें घर में विराजमान हो तो जातक के दोस्तों में उसके ससुराल वालों की भूमिका अधिक रहती है वह अपने रिश्तेदारों से तथा दोस्तों से दूर हो जाता है।

तीसरे घर का स्वामी यदि पांचवें घर में हो तो जातक के दोस्तों का दायरा बहुत बड़ा होता है दोस्त के दोस्त और उनके भी दोस्त जातक के मददगार होते हैं जातक की दोस्ती गहरी होती है लंबे समय तक दोस्ती बनी रहती है।

तीसरे घर का स्वामी यदि चौथे घर में विराजमान हो तो जातक के दोस्त
अत्यधिक होते हैं दोस्ती का दायरा इतना अधिक होता है कि जातक पहचान नहीं कर पाता जातक के बहुत सारे फैन होते हैं।

तीसरे घर का स्वामी यदि कुंडली के नौवें घर में विराजमान हो तो जातक का एक ऐसा दोस्त होता है जो उसका भाग्य निर्माता बन जाता है कम से कम एक ऐसा दोस्त जीवन में हर समय उपस्थित रहता है।

तीसरे घर का स्वामी यदि ग्यारहवें घर में हो तो जातक की हर इच्छा को पूर्ण करने के लिए दोस्त विद्यमान रहते हैं कदम कदम पर दोस्त मददगार सिद्ध होते हैं जातक दोस्तों के बिना शून्य के बराबर रहता है पत्नी और प्रेमिका भी उसके दोस्तों की तुलना में कम महत्व रखती है।

कुंडली के भिन्न-भिन्न भागों में तीसरे घर के स्वामी का फल हमने जो बताया है उसमें थोड़ा बहुत परिवर्तन दूसरे ग्रहों के प्रभाव से हो सकता है ग्रह के अशुभ होने पर ग्रह का फल भी अशुभ हो सकता है पाठकों के सुझाव और शिकायतें आमंत्रित हैं पाठक गण हमसे सहमत या असहमत हो सकते हैं

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